
Swami Vivekananda Gyan Sangrah (Hindi)
Swami Vivekananda Gyan Sangrah (Hindi)
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी आत्मविकास, कर्म और जीवन के उद्देश्य को समझने का मार्ग दिखाते हैं। इस संग्रह में चारों योग—राजयोग, कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग—के साथ उनका ऐतिहासिक शिकागो भाषण शामिल है, जिसने भारत की आध्यात्मिक परंपरा को विश्व मंच पर स्थापित किया।
- स्वामी विवेकानंद की सबसे प्रभावशाली रचनाओं का संग्रह
- जीवन, योग और दर्शन का समग्र दृष्टिकोण
- छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और आत्मविकास के लिए उपयोगी
- आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक विचार
इस संग्रह में शामिल पुस्तकें:
Rajyog (राजयोग)
मन की एकाग्रता, ध्यान और आत्मसंयम के माध्यम से आत्मबोध का मार्ग समझाने वाली व्यावहारिक पुस्तक।
245 pages
Karmayog (कर्मयोग)
निष्काम कर्म और कर्तव्य के महत्व को सरल उदाहरणों के साथ स्पष्ट करती प्रेरक रचना।
99 pages
Bhaktiyog (भक्तियोग)
प्रेम, समर्पण और ईश्वर से जुड़ाव के माध्यम से आत्मिक शांति की व्याख्या।
101 pages
Jnanayog (ज्ञानयोग)
तर्क, विवेक और आत्मचिंतन के द्वारा सत्य और आत्मज्ञान को समझाने वाला गहन ग्रंथ।
225 pages
Chicago Pravachan (शिकागो भाषण)
मानवता, सहिष्णुता और सार्वभौमिक भाईचारे का ऐतिहासिक संदेश, जिसने विवेकानंद को वैश्विक पहचान दिलाई।
33 pagesयह संग्रह क्यों चुनें?
- संपूर्ण ज्ञान: स्वामीजी की सभी मुख्य शिक्षाएँ—चार योगों से लेकर उनके ऐतिहासिक भाषणों तक—एक ही संग्रह में प्राप्त करें।
- आधुनिक और सुंदर डिजाइन: जीवंत, कलात्मक कवर इस सेट को रखने, पढ़ने और आपके बुकशेल्फ़ पर सजाने के लिए आनंददायक बनाते हैं।
- आधुनिक जीवन के लिए मार्गदर्शन: जीवन के बड़े सवालों के व्यावहारिक उत्तर खोजें, तनावमुक्त रहना सीखें और अटूट आत्मविश्वास का निर्माण करें।
- एक अमूल्य उपहार: यह छात्रों, युवा पेशेवरों और आत्म-खोज की यात्रा पर निकले किसी भी व्यक्ति के लिए एक सार्थक और प्रेरणादायक उपहार है।
Product Details
| Language | Hindi |
| Format | Paperback (Set of 5 Books) |
| Genre | Spiritual & Mythology |
| Bundle ISBN | 9789371976299 |
| Total Price | ₹ 1795 |
| Limited-Time Discount | ₹ 796 off |
| Final Price | ₹ 999 |
Swami Vivekananda Gyan Sangrah (Hindi)
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी आत्मविकास, कर्म और जीवन के उद्देश्य को समझने का मार्ग दिखाते हैं। इस संग्रह में चारों योग—राजयोग, कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग—के साथ उनका ऐतिहासिक शिकागो भाषण शामिल है, जिसने भारत की आध्यात्मिक परंपरा को विश्व मंच पर स्थापित किया।
- स्वामी विवेकानंद की सबसे प्रभावशाली रचनाओं का संग्रह
- जीवन, योग और दर्शन का समग्र दृष्टिकोण
- छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और आत्मविकास के लिए उपयोगी
- आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक विचार
इस संग्रह में शामिल पुस्तकें:
Rajyog (राजयोग)
मन की एकाग्रता, ध्यान और आत्मसंयम के माध्यम से आत्मबोध का मार्ग समझाने वाली व्यावहारिक पुस्तक।
245 pages
Karmayog (कर्मयोग)
निष्काम कर्म और कर्तव्य के महत्व को सरल उदाहरणों के साथ स्पष्ट करती प्रेरक रचना।
99 pages
Bhaktiyog (भक्तियोग)
प्रेम, समर्पण और ईश्वर से जुड़ाव के माध्यम से आत्मिक शांति की व्याख्या।
101 pages
Jnanayog (ज्ञानयोग)
तर्क, विवेक और आत्मचिंतन के द्वारा सत्य और आत्मज्ञान को समझाने वाला गहन ग्रंथ।
225 pages
Chicago Pravachan (शिकागो भाषण)
मानवता, सहिष्णुता और सार्वभौमिक भाईचारे का ऐतिहासिक संदेश, जिसने विवेकानंद को वैश्विक पहचान दिलाई।
33 pagesयह संग्रह क्यों चुनें?
- संपूर्ण ज्ञान: स्वामीजी की सभी मुख्य शिक्षाएँ—चार योगों से लेकर उनके ऐतिहासिक भाषणों तक—एक ही संग्रह में प्राप्त करें।
- आधुनिक और सुंदर डिजाइन: जीवंत, कलात्मक कवर इस सेट को रखने, पढ़ने और आपके बुकशेल्फ़ पर सजाने के लिए आनंददायक बनाते हैं।
- आधुनिक जीवन के लिए मार्गदर्शन: जीवन के बड़े सवालों के व्यावहारिक उत्तर खोजें, तनावमुक्त रहना सीखें और अटूट आत्मविश्वास का निर्माण करें।
- एक अमूल्य उपहार: यह छात्रों, युवा पेशेवरों और आत्म-खोज की यात्रा पर निकले किसी भी व्यक्ति के लिए एक सार्थक और प्रेरणादायक उपहार है।
Product Details
| Language | Hindi |
| Format | Paperback (Set of 5 Books) |
| Genre | Spiritual & Mythology |
| Bundle ISBN | 9789371976299 |
| Total Price | ₹ 1795 |
| Limited-Time Discount | ₹ 796 off |
| Final Price | ₹ 999 |
Original: $10.43
-70%$10.43
$3.13Description
Swami Vivekananda Gyan Sangrah (Hindi)
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी आत्मविकास, कर्म और जीवन के उद्देश्य को समझने का मार्ग दिखाते हैं। इस संग्रह में चारों योग—राजयोग, कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग—के साथ उनका ऐतिहासिक शिकागो भाषण शामिल है, जिसने भारत की आध्यात्मिक परंपरा को विश्व मंच पर स्थापित किया।
- स्वामी विवेकानंद की सबसे प्रभावशाली रचनाओं का संग्रह
- जीवन, योग और दर्शन का समग्र दृष्टिकोण
- छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और आत्मविकास के लिए उपयोगी
- आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक विचार
इस संग्रह में शामिल पुस्तकें:
Rajyog (राजयोग)
मन की एकाग्रता, ध्यान और आत्मसंयम के माध्यम से आत्मबोध का मार्ग समझाने वाली व्यावहारिक पुस्तक।
245 pages
Karmayog (कर्मयोग)
निष्काम कर्म और कर्तव्य के महत्व को सरल उदाहरणों के साथ स्पष्ट करती प्रेरक रचना।
99 pages
Bhaktiyog (भक्तियोग)
प्रेम, समर्पण और ईश्वर से जुड़ाव के माध्यम से आत्मिक शांति की व्याख्या।
101 pages
Jnanayog (ज्ञानयोग)
तर्क, विवेक और आत्मचिंतन के द्वारा सत्य और आत्मज्ञान को समझाने वाला गहन ग्रंथ।
225 pages
Chicago Pravachan (शिकागो भाषण)
मानवता, सहिष्णुता और सार्वभौमिक भाईचारे का ऐतिहासिक संदेश, जिसने विवेकानंद को वैश्विक पहचान दिलाई।
33 pagesयह संग्रह क्यों चुनें?
- संपूर्ण ज्ञान: स्वामीजी की सभी मुख्य शिक्षाएँ—चार योगों से लेकर उनके ऐतिहासिक भाषणों तक—एक ही संग्रह में प्राप्त करें।
- आधुनिक और सुंदर डिजाइन: जीवंत, कलात्मक कवर इस सेट को रखने, पढ़ने और आपके बुकशेल्फ़ पर सजाने के लिए आनंददायक बनाते हैं।
- आधुनिक जीवन के लिए मार्गदर्शन: जीवन के बड़े सवालों के व्यावहारिक उत्तर खोजें, तनावमुक्त रहना सीखें और अटूट आत्मविश्वास का निर्माण करें।
- एक अमूल्य उपहार: यह छात्रों, युवा पेशेवरों और आत्म-खोज की यात्रा पर निकले किसी भी व्यक्ति के लिए एक सार्थक और प्रेरणादायक उपहार है।
Product Details
| Language | Hindi |
| Format | Paperback (Set of 5 Books) |
| Genre | Spiritual & Mythology |
| Bundle ISBN | 9789371976299 |
| Total Price | ₹ 1795 |
| Limited-Time Discount | ₹ 796 off |
| Final Price | ₹ 999 |


















